
हमीरपुर। नगर परिषद हमीरपुर के अंतर्गत आईपीएच विभाग द्वारा लगाए आधे से ज्यादा सार्वजनिक नल गायब हैं। जो हैं उनमें से भी कुछ का व्यक्तिगत तो कुछ का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है। नगर परिषद बिना कनेक्शनों के ही हर साल लाखों के बिल भरे जा रहे हैं। हालांकि कुछ माह पहले नगर परिषद ने ऐसे कनेक्शनों की जांच कर कटवाने की कवायद शुरू की थी। इसमें कुछ कनेक्शनों को काटने के लिए आईपीएच विभाग से कहा गया था। आईपीएच विभाग द्वारा कनेक्शनों को काटने के बावजूद अभी भी कई ऐसे कनेक्शन हैं, जिनका बिना उपयोग नगर परिषद बिल भर रहा है।
आईपीएच विभाग की मानें तो इस समय विभाग द्वारा 98 सार्वजनिक का बिल नगर परिषद को भेजा जाता है। हर तीन माह का बिल लगभग 50 हजार रुपये बनता है। इसकी अदायगी नगर परिषद द्वारा की जा रही है। लेकिन हकीकत में शहर में गिने चुने सार्वजनिक नल देखने को मिलेंगे। शहर में ज्यादातर सार्वजनिक नलों का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है। यानि नगर परिषद हर साल लाखों का बिल उन पब्लिक टैप का भरा जा रहा है, जो हैं ही नहीं या फिर इनका निजी या व्यावसायिक उपयोग हो रहा है।
नगर परिषद उपाध्यक्ष धर्मेद्र शर्मा का कहना है कि नगर परिषद द्वारा सर्वे करवाया गया था, इसमें 24 पब्लिक टैप गायब पाए गए थे। इन्हें कटवाने के लिए आईपीएच विभाग को कहा गया था। बाकि पब्लिक टैप की भी जांच करवाई जाएगी। जिन पब्लिक टैप का उपयोग नहीं हो रहा है, उन्हें भी कटवा दिया जाएगा।
उधर, आईपीएच विभाग के कनिष्ठ अभियंता सुखदेव का कहना है कि नगर परिषद को हर तीन माह बाद पब्लिक टैप का बिल भेजा जाता है। कुछ समय पहले लगभग 130 पब्लिक टैप थे, जिनमें से 32 कनेक्शन काट दिए गए हैं।
